महँगाई के आँकड़े बाज़ार की उम्मीद से नरम आने के बाद इस सप्ताह कई केंद्रीय बैंकों ने मौद्रिक नीति पर सतर्क रुख का संकेत दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि इन आँकड़ों से आक्रामक दर कटौती की तात्कालिक ज़रूरत घट गई है, हालाँकि इसी कारण कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश की माँग कुछ ठंडी पड़ी है।
अब बाज़ार की नज़र आगामी रोज़गार आँकड़ों पर टिकी है।