संसद ने गुरुवार को डिजिटल डेटा संरक्षण ढाँचे में संशोधन पारित कर दिए, जिनके तहत बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत डेटा संसाधित करने वाले प्लेटफॉर्म के लिए सहमति की शर्तें और सख्त हो गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार इन बदलावों से डेटा संरक्षण बोर्ड को बार-बार उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने की अधिक शक्ति मिलेगी, जबकि छोटे स्टार्टअप्स को अनुपालन के लिए अधिक समय दिया जाएगा।
उद्योग संगठनों ने चरणबद्ध क्रियान्वयन का स्वागत किया, लेकिन सीमा-पार डेटा हस्तांतरण के नियमों पर और स्पष्टता की माँग की है।