कई स्कूलों ने पढ़ाई को आसान बनाने के लिए AI आधारित लर्निंग टूल्स अपनाना शुरू कर दिया है, जो छात्रों की कमजोरियों को पहचानकर उन्हें व्यक्तिगत सुझाव देते हैं।
शिक्षकों का कहना है कि इससे न सिर्फ मूल्यांकन का समय बचता है बल्कि हर छात्र की जरूरत के हिसाब से पढ़ाई की योजना बनाना भी आसान हुआ है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी आगाह करते हैं कि तकनीक शिक्षक की भूमिका का विकल्प नहीं, बल्कि सहायक होनी चाहिए।