एक अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन में कई देशों ने 2035 तक कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कटौती के लक्ष्यों पर सहमति जताई है। प्रतिनिधियों ने नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाने और विकासशील देशों को तकनीकी सहयोग देने पर जोर दिया।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे सकारात्मक कदम बताया, लेकिन साथ ही आगाह किया कि ठोस कार्ययोजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के बिना लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित रह सकते हैं।
सम्मेलन में जल संकट और समुद्र स्तर वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।