भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद स्थित स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट ने 18 जुलाई की सुबह श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस सफलता के साथ भारत निजी ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता हासिल करने वाला अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा देश बन गया है।
22 मीटर लंबे इस रॉकेट ने अपने पेलोड को लगभग 450 किलोमीटर की निचली-पृथ्वी कक्षा में स्थापित किया। रॉकेट 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है और इसमें अंतरिक्ष मलबे को साफ करने वाली रोबोटिक भुजाएं भी लगी हैं। इस मिशन ने रॉकेट के प्रणोदन, एवियोनिक्स, टेलीमेट्री और नेविगेशन सिस्टम को उड़ान के दौरान सफलतापूर्वक परखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता अनगिनत युवाओं को बड़े सपने देखने और निडर होकर नवाचार करने के लिए प्रेरित करेगी। स्काईरूट ने इससे पहले 2022 में विक्रम-एस सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था। कंपनी अब नियमित व्यावसायिक मिशन शुरू करने से पहले कुछ और परीक्षण उड़ानें करने की योजना बना रही है।

