भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की लॉन्चिंग सिर्फ तकनीकी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक क्षण भी बनी। यह रॉकेट अपने साथ एक लैब में तैयार किया गया हीरा और 18 कैरेट सोने की एक लघु कलाकृति भी अंतरिक्ष में ले गया।
यह विशेष कलाकृति भारत के राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को समर्पित की गई है और इसे देश की वैज्ञानिक यात्रा के सम्मान के रूप में भेजा गया। इसके साथ ही रॉकेट में कुछ प्रायोगिक उपकरण भी शामिल थे।
स्काईरूट एयरोस्पेस की इस पहल को न सिर्फ तकनीकी बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। इस कदम ने विज्ञान और राष्ट्रीय गौरव के अनूठे संगम को दर्शाया है।


