NEET-UG पेपर लीक विवाद पिछले कुछ हफ्तों से देश की सबसे बड़ी खबरों में शामिल रहा है। यह मामला एक परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत से शुरू होकर धीरे-धीरे एक राष्ट्रीय छात्र आंदोलन में बदल गया।
लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी पैदा की। धीरे-धीरे यह असंतोष सड़कों पर उतर आया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों ने धरना शुरू किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई मांगें रखी गईं। यह आंदोलन देखते ही देखते कई राज्यों तक फैल गया।
आंदोलन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के अनशन और स्वास्थ्य बिगड़ने की खबरें भी सामने आईं, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। संसद के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा जोर-शोर से गूंजा।
आखिरकार 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ इस आंदोलन ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया। हालांकि छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में ठोस सुधार तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।



