केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया।
अपने इस्तीफे में प्रधान ने कहा कि वे बीते दस दिनों की घटनाओं से दुखी हैं, लेकिन यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है और वे देश के युवाओं को भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे।
प्रधान ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर में जो स्थिति उत्पन्न हुई है, उसका फायदा राष्ट्र-विरोधी ताकतों को नहीं उठाने देना चाहिए, और राष्ट्रीय एकता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले दिन से उन्होंने इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी ली और कभी पीछे नहीं हटे।
उल्लेखनीय है कि इस्तीफे से एक दिन पहले, शुक्रवार शाम को सरकारी सूत्रों ने मीडिया को स्पष्ट रूप से बताया था कि प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। ऐसे में उनका यह फैसला एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्र संगठनों और विपक्ष की उन तीन प्रमुख मांगों में से एक था, जो पिछले महीने आंदोलन शुरू होने पर रखी गई थीं। इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न का माहौल देखा गया।


